World wide programs organised on 49th Remembrance Day

विश्व शांति एवं सदभावना के लिए करोड़ों लोगों ने प्रार्थना की। अवसर था प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज संस्थान के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 49वीं स्मृति दिवस का। 82 वर्ष पूर्व जिस मानवीय शरीर को परमपिता परमात्मा शिव ने अपना आधार बनाया था। उसने सिद्ध कर दिया था कि मनुष्य इस शरीर में रहते भी नर से नारायण बन सकता है। ऐसा ही किया प्रजपिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने जिनकी 49वीं पुण्यतिथि पर देश व विदेश के कई हिस्सों में भावभीनी श्रृद्धाजंलि दी गई।
पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 49वीं पुण्यतिथि पर हैदराबाद के शांतिसरोवर में मुख्यालय माउंट आबू में बने 4 धाम का प्रतिरूप बनाया गया। जिसमें शांति स्तंभ, बाबा की कुटिया, हिस्ट्री हॉल व बाबा का कमरा शामिल था, एक ओर ये चारों धाम जहां ब्रह्मा बाबा के त्याग व तपस्या की कहानी सुना रहा थे। वहीं कलात्मक रूप से सजाए गए फूल मानो ब्रह्मा बाबा के गुण व विशेषताओं की खुशबू लिए हुए थे। ऐसे में शांतिसरोवर की निदेशिका बीके कुलदीप, बीके माध्वी, बीके शक्ति समेत अनेक सदस्यों ने 4 धाम की यात्रा की और राजयोग अभ्यास द्वारा परमात्मा से शक्ति लेते हुए स्व परिवर्तन के लिए दृढ़ संकल्पित होकर वरदानी दिवस को सार्थक बनाया।

गुरूग्राम के ओआरसी में भी ब्रह्मा बाबा की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। जिसमें ओआरसी की निदेशिका बीके आशा ने ब्रह्मा बाबा के चरित्र का वर्णन किया व अन्य लोगों ने परमात्मा को याद कर विश्व में शांति के वायब्रेशन दिए। साथ ही बाबा की विशेषताओं को स्मृति में रखते हुए पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

ब्रह्मा बाबा की 49वीं स्मृति दिवस पर झारखंड के रांची सेवाकेंद्र पर युवाओं ने ब्रह्मा बाबा के जीवन की कुछ विशेष झलकियां प्रस्तुत की जिसमें ये दर्शाया कि ब्रह्मा बाबा बाल्यकाल से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे और परमात्मा शिव ने उनका माध्यम लेकर किस तरह से इस संस्था की स्थापना की। कार्यक्रम में उपस्थित नेहरू युवा केंद्र की अकाउंट ऑफिसर इंदिरा मिश्रा, डिस्ट्रीक्ट पब्लिक रिलेशन ऑफिसर इशा खंडेलवाल, रांची यूनिवर्सिटी में साइंस डिपार्टमेंट के डीन महेंद्र प्रसाद, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट के जनरल मैनेजर एस के माथूर, सेवाकेंद्र प्रभारी बीके निर्मला ने अपने विचार ज़ाहिर किए।

जोधपुर के चैपासनी हाउसिंग बोर्ड सेवाकेंद्र पर भी शांति स्तंभ, बाबा का कमरा, हिस्ट्री हॉल और बाबा की कुटिया यानी चारों धाम बनाए गए थे और पूरे सेवाकेंद्र को फूलों से सजाया गया. था सेवाकेंद्र पर आने वाले सभी बीके सदस्यों व सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शील ने बाबा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके पद्चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।

पड़ोसी देश नेपाल के काठमांडू सेवाकेंद्र पर पूरा माहौल अलौकिक सा नज़र आया जिसमें काठमांडू जोन की निदेशिका बीके राज तथा अन्य अतिथियों ने सेवाकेंद्र पर बने शांतिस्तंभ के प्रतिरूप और बाबा रूम में कैंडल लाइटिंग की और परमात्मा की स्मृति में रहते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही अतिथियों ने भी अपने शब्दों से संस्थान के कार्यों को सराहा जिन्हें बीके राज ने शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।
नेपाल के राजबिराज में मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राकेश कुमार निधि, बबिता उप्रेती, जिला न्यायधीश हरिश्चंद्र, विधायक गोविंद और शैलेंद्र, बीके भगवती और बीके दीपक समेत अनेक विशिष्ट लोगों ने विश्व शांति दिवस पर योगाभ्यास किया और ब्रह्मा बाबा के जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

वाराणसी में सारनाथ सेवाकेंद्र द्वारा विश्व शांति दिवस पर विशेष मौन साधना के साथ कैंडल पीस मार्च का आयोजन किया गया। जिसमें संस्था के सदस्यों के साथ अनेक विशिष्ट लोगों की सहभागिता रही इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशिका बीकें सुरेंद्र ने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने अपना जीवन मानवीय मूल्यों के उत्थान एवं विश्व शांति की स्थापना हेतु समर्पित किया और प्रबंधक बीके दीपेंद्र, बीके विपिन व अनेक विशिष्ट लोगों ने बाबा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की इस उपलक्ष्य में निकाली गई पीस मार्च रैली सेवाकेंद्र से पुरातत्व संग्रहालय होते हुए सारनाथ चैराहे पर जाकर शांति सभा में परिणत हुई।

देश के साथ साथ विदेशों में भी संस्था के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा की पुण्यतिथि विश्व शांति दिवस के रूप में मनाई गई। फिलीपिन्स के मकाती सेवाकेंद्र पर जापान और फिलीपिन्स की निदेशिका बीके रजनी ने आस-पास से आए हुए लोगों को ब्रह्मा बाबा के गुण व विशेषताओं के बारे में बताया कि बाबा का जीवन सादगी पूर्ण होते हुए भी वो महान व्यक्तित्व के धनी थे।
अंत में सभी को राजयोग का अभ्यास कराया जिससे उन्हें असीम शांति की अनुभूति हुई I

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